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दिवाली में दिवाला...

 *दिवाली में दिवाला... * धन तेरस के दिन तेरा सारा धन,            *तेरा(बनिया का)* हो जाता है... *जागो और जगाओ आडम्बर भगाओ...* पानी बादल धूप छांव में,          तपती गर्मी भूख प्यास में,                       किसान अन्न उपजाता हैं..!! ब्राह्मण बनिया के चक्कर में,                   धन तेरस के फेरे में,                             शुभ अशुभ के घेरे  में,               सोना चांदी, पीतल, तांबा,                   खरीद के घर लाता  हैं..! लक्ष्मी पाने के चक्कर मे,           घर की लक्ष्मी बनिया को दे आता है..!! धन तेरस को तेरा सारा धन,                 तेरा (बनिया का) हो जाता है..!! वाह रे धन तेरस,     ...

आदिवासियो के महत्वपूर्ण मुद्दे :-

प्रिय साथियों जैसे की आप सभी  जानते है की आज से आदिवासी नृत्य महोत्सव साइंस कॉलेज मैदान रायपुर में आयोजित है जिसमे हमे किस बात से आपत्ति है जानने से पहले यह बात समझ ले कोई भी व्यक्ति कब नाचता है स्वाभाविक बात है खुशी में नाचता है,कुछ अच्छा होने पर नाचता गाता है। हम  वही बात जानना चाहते है की आदिवासी किस बात की खुशी में नाचे ? आदिवासियो के महत्वपूर्ण  मुद्दे :- 1. 32% आरक्षण पर लोगो ने चालाकी से हमला किया। 2. प्रमोशन में आरक्षण का नियम बनाना राज्य सरकार का काम है जिसे  राज्य सरकार ने अभी तक नही किया लगभग  दो  साल से आदिवासी कर्मचारी अधिकारी भटक रहे है। 3. फर्जी आदिवासियो को नौकरी से निकालना चाहिए उनके ऊपर विधिक कार्यवाही होना चाहिए उल्टा उनको प्रमोशन दिया जा रहा है। 4. क्या आदिवासियो के लिए कोई सरकार ने कोई आर्थिक संबल योजना बनाए है जिससे आदिवासी खुश हो। 5.कितने उद्योग आदिवासियो द्वारा संचालित किया जा रहा है।  6.शहरी क्षेत्रों में  कितने आदिवासियो को सरकारी खजाने से बने मकान दुकान दिया गया  । 7.शिक्षा , रोजगार में कोई खास स्थान दे पाए क्या। 8....

डोकला (मानपुर) में संवैधानिक समाजिक सांस्कृतिक कार्यशाला आयोजित

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आदिवासी समाज के लोगों को विभिन्न विषयों पर दिया गया मार्गदर्शन डौंडीलोहारा (प्रखर ):- ग्राम डोकला में सामाजिक संवैधानिक प्रशिक्षण सांस्कृतिक समाजिक •प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। जिसमें आदिवासी समाज के ग्राम प्रमुख पटेल लालसिंह नरेटी, ग्राम के गायत बैगा ग्राम के मांझी मुखिया, ग्राम पंचायत डोकल के सरपंच महाबती बाई कोमरे प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यशाला का संचालन तुकाराम कोर्राम डौंडीलोहारा गोड़वाना समाज मोहला संभागीय सदस्य, टीकम कुमार बढ़ाई सर्व आदिवासी समाज तहसील इकाई डौंडीलोहारा सचिव, मास्टर ट्रेनर गोंडी संस्कृति संविधानिक पेशा कानून रूढ़ी प्रथा ग्राम व्यवस्था प्रचलित कार्यशाला के माध्यम से मास्टर ट्रेनर ने ट्रेनिंग दी। कक्षा तीसरी, चौथी से लेकर 12वीं, कॉलेज के छात्र ट्रेनिंग में बैठे। ग्राम के युवा प्रभाग के अध्यक्ष को जिम्मेदारी दी गई। छात्रा छात्राएं इसमें शामिल हुए। मास्टर ट्रेनर, ग्राम व्यवस्था हलालखोर चिराम, ग्राम के देव व्यवस्था नरेन्द्र टेकाम, वन अधिकार वन संसाधन खोरबहारा मंडावी, ग्राम सांस्कृतिक संवैधानिक बी एस साहरे, आदिवासी हिंदू नहीं है इस विषय पर मोहन ल...

अपना फ़ैसला, अपने हाथ

अपना फ़ैसला, अपने हाथ| आदिवासी समाज को आरक्षण समस्या पर ऑप्शन चुनने का मौका!!! लाखों आदिवासियों के जीवन को प्रभावित करने वाले 32% एसटी आरक्षण पर हमले के मुद्दे पर आप क्या ऑप्शन चुनेंगे? 1. डीओपीटी, भारत शासन के 05.07.2005 के पत्रानुसार ओबीसी का आरक्षण घटा कर 6% किया जाए| 2. एस.सी.-एस.टी. दोनों से चार प्रतिशत घटा कर ओबीसी को दे दिया जाए; एस.सी.-एस.टी.-ओबीसी का 8-28-14 कुल मिलाकर 50%. 3. 50% की सीमा के भीतर लाभार्थी वर्गों के आपसी तुलनात्मक हिसाब से एस.सी.-एस.टी.-ओबीसी का 6.5-16-27 प्रतिशत आरक्षण कर दिया जाए| 4. छत्तीसगढ शासन से सुर मिला कर 58% को बचाने की ही कोशिश की जाए; आरक्षण संशोधन अधिनियम 2011 अपास्त हुआ तो 16 मार्च 2012 की स्थिति में वापस एस.सी.-एस.टी.-ओबीसी का प्रथम-द्वितीय श्रेणी 15-18-14 और तृतीय-चतुर्थ श्रेणी में 16-20-14 प्रतिशत आरक्षण रह जाएगा| आदिवासी समाज के जागरूक कर्मचारियों, शिक्षिका उपासना ध्रुव और डॉ. चंद्रपाल भगत द्वारा दाखिल किए हुए साझा हस्तक्षेप आवेदन के माध्यम से WPC 591/12 प्रकरण में आदिवासी समाज के चुने हुए ऑप्शन को मा. हाई कोर्ट बिलासपुर के समक्ष रखा जाएगा| याद...

छत्तीसगढ़ के गाँव मा लोक-मनरंजन के पुरखौती कला नाचा-गम्मत भुइयां के सिंगार

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छत्तीसगढ़ के गाँव अउ शहर मा लोक मनरंजन के पुरखौती कला नाचा-गम्मत हे. मड़ई, मेला, गणेश पक्ष, नवरात्रि , नवाखई, छट्ठी, बिहाव, गाँव बनई, जात्रा अइसने कतको मउका मा विशेष रुप ले एखर कार्यक्रम रखे जाथे छत्तीसगढ़ के लोक मनरंजन मा नाचा के घातेच महत्तम हे. मनखे के तन अउ मन के थकास दुरिहाय बर एला बनाय गय रहिस. जब ले नाचा गम्मत चलत हे तब ले आज तक एखर देखइया के कमती नइ होइस भलुक अगरावत हे. नवा पीड़ी हा इही नाचा गम्मत ला युट्यूब मा देखथे, फेर कतको किसम के लोक मनरंजन के जिनिस टीवी, मोबाइल, इंटरनेट मा डटे रहे के पाछू नाचा गम्मत ला रतिहा अउ दिन मा घलो देखइया मन के भीड़ लग जाथे. छत्तीसगढ़ मा नाचा जेला नाच घलो कहे जाथे । आज के नवा पीढ़ी मन नाचा गम्मत ला भुलावत हे, हमर छत्तीसगढ के संस्कृति परंपरा हर नवा पीढ़ी के कारण नंदावत हावे । हमर संस्कृति परंपरा हर हमर पहिचान आय येला संजोके रखना बहुत जरूरी हवे । आज के नवा बछर मा हमर छत्तीसगढ के संस्कृति ला बचाके रखना मुसवा ले बंगाला बचाए के बरोबर हावे । आज के नवा बछर मा हमर छत्तीसगढ के संस्कृति परंपरा नाचा गम्मत ला बचाय खातिर बालोद जिला के वनांचल भ...