डोकला (मानपुर) में संवैधानिक समाजिक सांस्कृतिक कार्यशाला आयोजित

आदिवासी समाज के लोगों को विभिन्न विषयों पर दिया गया मार्गदर्शन

डौंडीलोहारा (प्रखर ):- ग्राम डोकला में सामाजिक संवैधानिक प्रशिक्षण सांस्कृतिक समाजिक •प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। जिसमें आदिवासी समाज के ग्राम प्रमुख पटेल लालसिंह नरेटी, ग्राम के गायत बैगा ग्राम के मांझी मुखिया, ग्राम पंचायत डोकल के सरपंच महाबती बाई कोमरे प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

कार्यशाला का संचालन तुकाराम कोर्राम डौंडीलोहारा गोड़वाना समाज मोहला संभागीय सदस्य, टीकम कुमार बढ़ाई सर्व आदिवासी समाज तहसील इकाई डौंडीलोहारा सचिव, मास्टर ट्रेनर गोंडी संस्कृति संविधानिक पेशा कानून रूढ़ी प्रथा ग्राम व्यवस्था प्रचलित कार्यशाला के माध्यम से मास्टर ट्रेनर ने ट्रेनिंग दी। कक्षा तीसरी, चौथी से लेकर 12वीं, कॉलेज के छात्र ट्रेनिंग में बैठे। ग्राम के युवा प्रभाग के अध्यक्ष को जिम्मेदारी दी गई। छात्रा छात्राएं इसमें शामिल हुए। मास्टर ट्रेनर, ग्राम व्यवस्था हलालखोर चिराम, ग्राम के देव व्यवस्था नरेन्द्र टेकाम, वन अधिकार वन संसाधन खोरबहारा मंडावी, ग्राम सांस्कृतिक संवैधानिक बी एस साहरे, आदिवासी हिंदू नहीं है इस विषय पर मोहन लाल गौर, पेसा कानून 5 वीं अनुसूची क्या है पर सोमनाथ उईके, हलबा समाज देवी दंतेश्वरी पर कुंभकरण पिसाद, सोशल मूवमेंट पर कुशल ठाकुर, स्वरोजगार ट्रेनर वंदना चुरेन्द्र, मछली पालन में कम उम्र में दो से ढाई लाख इनकम करने वाली नेत्री समाज की बेटी के रूप में विकसित वंदना चुरेन्द्र, सर्व आदिवासी समाज प्रदेश उपाध्यक्ष महिला संतोषी ठाकुर, मानपुर मोहला टाइगर प्रदेश उपाध्यक्ष सूरजु टेकाम आदि ने अपने अपने विषय पर विचार रखते हुए मार्गदर्शन दिया।
मानपुर मोहला विधानसभा क्षेत्र के विधायक इंदर शाह मंडावी ने इस कार्यशाला की काफी प्रशंसा करते हुए कहा कि कार्यशाला के माध्यम से समाज को जागृत करें। जो भी हमारी 5वीं अनुसूचित क्षेत्र में बाहरी व्यक्ति घुसता है उसके लिए समाज के साथ में रहूंगा। इस अधिकार के लिए लड़ाई लड़ने की जरूरत है। ग्राम प्रमुख पटेल, गायता, मांझी आदि ग्राम के व्यवस्था में प्रमुखों, ग्राम पंचायत के सरपंच के सराहनीय हैं। जो समाज को दिशा और दशा देने में अहम भूमिका रहे हैं।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद अमर बलिदानी गेंदसिंह नायक.....।।

तुलसी गौड़ा: जिन्हें कहा जाता है 'जंगल का विश्वकोष', अब राष्ट्रपति ने दिया पद्मश्री सम्मान

राष्ट्रीय संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर कृषि कानूनों की वापसी की मांग, धरना, प्रदर्शन