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आदिवासी छात्र संगठन की प्रमुख मांगे :- छात्रों के सम्मान में, ASU मैदान में

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आदिवासी छात्र संगठन की प्रमुख मांगे 1.आदिवासी छात्रावास में आदिवासी वर्ग से अधीक्षक नियुक्त किया जाय। 2.सभी जिला मुख्यालय में एक - एक हजार सीटो का प्री -मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक स्नातकोत्तर छात्रावास बनाया जाय। 3.जीतने भी फर्जी आदिवासी के नाम से नौकरी कर रहे है। उनको हटाया जाए। रिकवरी भी किया जाय। 4.जब तक नया छात्रावास नही खुल जाता तब तक रिसर्च और व्यवसायिक कोर्स के छात्रों को प्रवेश दिया जाय। जिन छात्रों को छात्रावास नहीं मिल रहा है। उन छात्रों को छात्र गृह के माध्यम से प्रवेश लम्बी प्रक्रिया है। इसलिए ऐसे छात्रों को छात्रवृत्ति की भाती। रूम रेंट दिया जाय।  आदिवासी छात्रों को शिक्षा से रोका जा रहा है। 25 वर्ष का नियम इसमें गरीब आदिवासी छात्रों को रोका जा रहा है  जो किसान मजदूर परिवार से संबंध रखते है और पढ़ाई में गैप कर जाते है।

अमर शहीद वीर नारायण सिंह जी*के शहादत दिवस के बेरा म कोटि कोटि नमन सेवा जोहार🌿🍃

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जोहार करव ओ भुइँया ल, जिहा जनमें वीरनारायण ग। बन्दव थव मैं ओ मईया ल, अइसे वीर ल जनमाइस ग। फिरंगी मन से लड़ीस संगी, अउ बघवा बन गुर्राईन जी। सोनाखान के लाल हमर, देस के मान बचाईन जी। सोनाखान के माटी पुत्र, वीरनारायण जेकर नाम हे। ये माटी बर परान देके, होगे अमर बलिदान हे। 10 दिसम्बर 1857 म जी, गाँव गली म मातम छागिस ग। हमर क्रांतिकारी वीर बेटा ल, जयस्तंभ चौक म फांसी लगादिस ग। अमर शहीद वीर नारायण सिंह जी* के शहादत दिवस के बेरा म कोटि कोटि नमन सेवा जोहार🌿🍃

आदिवासी छात्र संगठन के अध्यक्ष श्री योगेश कुमार ठाकुर ने माननीय मंत्री महोदय को जन विधि मुहिम एवं संविधान साक्षरता अभियान कार्यक्रम के बारे में अवगत कराया ।

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आज 9  दिसंबर के दिन ही संविधान सभा की पहली बैठक हुई थी जिसकी 75 वी सालगिरह के अवसर पर जन-विधि मुहिम के तहत संविधान साक्षरता एवं नागरिक जागरूकता अभियान की शुरआत की गयी। इस उद्देश्य के साथ आज मंत्रालय नवा रायपुर में माननीय पंचायत मंत्री छ ग सरकार द्वारा जन विधि मुहिम की मशहूर किताब "संविधान सबके लिए" को सॉफ्ट कॉपी के रूप में प्रसार कर जन- जन में संविधान की जागरूकता लाने का पहल किया गया। आज के इस कार्यक्रम में आदिवासी छात्र संगठन के अध्यक्ष श्री योगेश कुमार ठाकुर ने माननीय मंत्री महोदय को जन विधि मुहिम एवं संविधान साक्षरता अभियान कार्यक्रम के बारे में अवगत कराया । अधिवक्ता श्री सौरभ चौधरी ने भारतीय संविधान की महत्ता और संविधान के समझ को विकसित करने हेतु "संविधान सबके लिए" किताब के योगदान के बारे में जानकारी दी । युवा सदस्यगण रेशमा ध्रुव, राहुल सिंह ध्रुव, नरेंद्र चंद्रवंशी, लवन लहरे, रविन्द्र अमिले भी जनविधि मुहिम में उपस्थित रहे और जन जागरूकता की जिम्मेदारी ली ।  माननीय मंत्री श्री टी एस सिंहदेव द्वारा जन विधि मुहिम एवं "संविधान सबके लिए" किताब ...

आखिर मूलनिवासी भोले-भाले आदिवासियो के शासन-प्रशासन शोषण क्यों कर रही है...?

परलकोट क्षेत्र कोयलीबेडा़ ब्लाक , तहसील पखांजुर के एस. डी. एम .और तहसीलदार परलकोट क्षेत्र के आदिवासियों को तात्काल माफी मांगे और जिन जिन गांवों में आदिवासियों का पारंपरिक  रुढी व्यावस्था पर आप  लोगो के द्वारा  हमला किया हैं।  उस सभी  नार पेन पर सुध्धी करड़ के लिए अनुच्छेद 13,3,का के तहत जुर्माना और प्रगान पेन पर जुर्माना भरें क्योकी आप का कोई अधिकार नही की आदिवासी समुदायों का रुढी प्रथा  व्यवस्था को उनके गाव में बल पूर्वक बिना अनुमती के प्रवेश कर के कुचल दें , ।  उक्त अधिकारियों द्वारा ग्राम मेकावाही के पारंपरिक रुढी प्रथा ग्राम सभा के कार्य पर हस्ताक्षेप व गंदा गंदा गाली गलोज  और ग्राम मरकानार के गांव के गांव वालों को इसाई धर्म परिवर्तन कराकर पांचवी अनुसूची क्षेत्र के आदिवासियों का रुढ़ी व्यवस्था तथा रितीरिवाज पर गलातार हमला किया गयाहै।  और धमकी भी दिया गया है की जंगल जमीन जल, 5 वी अनुसूची , पेशा कानून , वन अधिकार कानून ,अनुच्छेद 13,3 का में तुम्हारा कोई अधिकार नहीं है और यह भी धमकी दिया गया है की ईस बारे में किसी को मत बताना और आंदोलन तो भूल ...

आदिवासी छात्र संगठन (ASU) अब नही सहेगा आदिवासी छात्र/छात्राओं के साथ हो रहे अन्याय को ।

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आज आदिवासी छात्र संगठन के चर्चा बैठक में रायपुर के आदिवासी बालिका छात्रावास के विषय में चर्चा हुआ रायपुर में दो मुख्य जगह है जो शिक्षा का केंद्र है किंतु हम देखते हैं खासकर छात्राओं के लिए कालीबाड़ी में मात्र 26 रूम 52 सीटों में केवल यू जी के छात्राएं अध्ययन कर पाती हैं । यूनिवर्सिटी में भी भवन की क्षमता कम है पीजी के लिए उन्हें दर-दर भटकना पड़ता है। इस कारण  बहुत सारे छात्राएं पढ़ाई छोड़ देती है। क्योंकि पीजी हॉस्टल नहीं है।   यू जी भी बहुत कम सीटों का है इसलिए यहां पर नया छात्रावास बिल्डिंग बनाया जाए या फिर अभी वर्तमान में किसी शासकीय भवन को छात्रावास के लिए अलाट किया जाए। जैसे कि हम जानते हैं जनसंपर्क कार्यालय बना है। वह पहले छात्रावास था। इसलिए उसको आदिवासी बालिका छात्रावास भवन बनाया जाए जो सुरक्षा के दृष्टि से भी बहुत बढ़िया रहेगा। और एक बात जीतने भी छात्रावास भवन है बहुत पुराने है सब लगभग 60  साल पुराने है। सब को डिस्मेंटल कर नया बिल्डिंग बनाया जाय जिसमे इस बात का ध्यान रखा जाए आदिवासी कैंपस अलग और कम से कम 1000 सीटो का छात्रावास भवन बना...

छत्तीसगढ़ में आदिवासी 32% है और 65% प्रतिशत भूभाग में निवास करते है।

#AwareAdiYo   छत्तीसगढ़ में आदिवासी  32% है और 65% प्रतिशत भूभाग में निवास करते है। यह मैं इसलिए लिख रहा हु, शासकीय अधिकारी आदिवासी के नाम से बने भवन या कोई भी उपक्रम में एससी वर्ग के लोगो को जगह दे देते है।   इससे आदिवासी योजना का लाभ आदिवासियो को नहीं एससी वर्ग को मिल रहा है। आदिवासियो 100 सीट हॉस्टल तो एससी लोगो को भी 100 सीट दे देते है।  ये होना चाहिए क्या ? आदिवासी राज्य है। और जनसंख्या में इनसे ज्यादा है तो हमे ज्यादा मिलना चाहिए उनको 100 तो हमको 300 सीट मिलना चाहिए आदिवासियो के लिए अलग कैंपस होना चाहिए। आदिवासी बीहड़ क्षेत्रों से आते है, एससी वर्ग मैदानी क्षेत्र से है। किंतु अधिकारियों की गलती और विभाग में और सरकार में आदिवासियो को शिक्षा देने के लिय नया सोच नहीं होने के कारण आदिवासी अभी भी स्कूल की शिक्षा पूरी नहीं कर पा रहे है।  हम इस मुहिम में शामिल  हो और 10 दिसंबर को हर आदिवासी छात्र बोले हमे हर जिले में 5000 आवासीय विद्यालय एवम क्रीड़ा परिसर  चाहिए। जिसमे आदिवासी गरीब मजदूर का बच्चा भी पढ़ सके केवल आदिवासी वोट बैंक ना बने अपने बच्चो के लिए...