आखिर मूलनिवासी भोले-भाले आदिवासियो के शासन-प्रशासन शोषण क्यों कर रही है...?

परलकोट क्षेत्र
कोयलीबेडा़ ब्लाक , तहसील पखांजुर के एस. डी. एम .और तहसीलदार परलकोट क्षेत्र के आदिवासियों को तात्काल माफी मांगे और जिन जिन गांवों में आदिवासियों का पारंपरिक  रुढी व्यावस्था पर आप  लोगो के द्वारा  हमला किया हैं। 

उस सभी  नार पेन पर सुध्धी करड़ के लिए अनुच्छेद 13,3,का के तहत जुर्माना और प्रगान पेन पर जुर्माना भरें क्योकी आप का कोई अधिकार नही की आदिवासी समुदायों का रुढी प्रथा  व्यवस्था को उनके गाव में बल पूर्वक बिना अनुमती के प्रवेश कर के कुचल दें , ।
 उक्त अधिकारियों द्वारा ग्राम मेकावाही के पारंपरिक रुढी प्रथा ग्राम सभा के कार्य पर हस्ताक्षेप व गंदा गंदा गाली गलोज  और ग्राम मरकानार के गांव के गांव वालों को इसाई धर्म परिवर्तन कराकर पांचवी अनुसूची क्षेत्र के आदिवासियों का रुढ़ी व्यवस्था तथा रितीरिवाज पर गलातार हमला किया गयाहै।

 और धमकी भी दिया गया है की जंगल जमीन जल, 5 वी अनुसूची , पेशा कानून , वन अधिकार कानून ,अनुच्छेद 13,3 का में तुम्हारा कोई अधिकार नहीं है और यह भी धमकी दिया गया है की ईस बारे में किसी को मत बताना और आंदोलन तो भूल कर भी मत करना । 
ईस प्रकार से उक्त अधिकारियों द्वारा अपने पावर का स्तामाल कर कर के परलकोट क्षेत्र के भोले भाले आदिवासियों को उनके हक अधिकार से वंचित कर रहे हैं । जिस बजह से क्षेत्र के आदिवासियों में उक्त अधिकारियों के खिलाफ अन्दर ही अन्दर विरोध का आग और तेज होते जा रहा है। 

परलकोट क्षेत्र के आदिवासी मूलनिवासी भाइयों तैयार हो जाओ हमें 2016,17 के लाड़ाई के जैसा हक अधिकार के लड़ाई लड़ने का समय फिर आ गया है। 

  ये अधिकारी लोग बंगालियों के सांथ मिल कर फिर से हम आदिवासियों को भारतिय संविधान के पांचवी अनुसूची क्षेत्र से एक साजिश के तहत खत्म करने का खेल खेला है।

 और परलकोट क्षेत्र में आदिवासी नहीं है बोल कर 14 ग्राम पंचायतों को समान्य अनारछित कर बंगालियों को सरपंच बनाया गया है।

 जबकी क्षेत्र में सभी बंगालियों को डंडकारण के समय यहां के आदिवासी ग्रामों सीमाओं के अन्दर बसाया गया है।

 लेकिन आज अधिकारी लोग बंगालियों के साथ मिलकर बोल रहे हैं कि वहां आदिवासी नहीं है ।

 कितना बडा़ साजिश चल रहा है यहां, आदिवासियों को खदेड़ने का।

परलकोट क्षेत्र आदिवासी 
संगठित रहो तैयार रहो ,
समय आ गया है आदिवासियों का
दुष्मन अधिकारियों के खिलाफ 
जंगी लड़ाई लड़ने का ।

जय जोहार जय सेवा ,
मावा नाटे मावाराज , 

पुरे भारत के आदिवासी इन अधिकारियों वार्ता करें ।

 महामहीम पखांजुर तहसिलदार
मो. 8839139012

महामहीम पखांजुर एस.डी.एस.
मो. 8319952885 

 क्योंकी महामहीम राज्यपाल और महामहीम से बड़ कर ये अधिकारी हैं

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