आदिवासी छात्र संगठन (ASU) अब नही सहेगा आदिवासी छात्र/छात्राओं के साथ हो रहे अन्याय को ।
रायपुर में दो मुख्य जगह है जो शिक्षा का केंद्र है किंतु हम देखते हैं खासकर छात्राओं के लिए कालीबाड़ी में मात्र 26 रूम 52 सीटों में केवल यू जी के छात्राएं अध्ययन कर पाती हैं ।
यूनिवर्सिटी में भी भवन की क्षमता कम है पीजी के लिए उन्हें दर-दर भटकना पड़ता है।
इस कारण बहुत सारे छात्राएं पढ़ाई छोड़ देती है। क्योंकि पीजी हॉस्टल नहीं है।
यू जी भी बहुत कम सीटों का है इसलिए यहां पर नया छात्रावास बिल्डिंग बनाया जाए या फिर अभी वर्तमान में किसी शासकीय भवन को छात्रावास के लिए अलाट किया जाए।
जैसे कि हम जानते हैं जनसंपर्क कार्यालय बना है। वह पहले छात्रावास था। इसलिए उसको आदिवासी बालिका छात्रावास भवन बनाया जाए जो सुरक्षा के दृष्टि से भी बहुत बढ़िया रहेगा।
और एक बात जीतने भी छात्रावास भवन है बहुत पुराने है सब लगभग 60 साल पुराने है। सब को डिस्मेंटल कर नया बिल्डिंग बनाया जाय जिसमे इस बात का ध्यान रखा जाए आदिवासी कैंपस अलग और कम से कम 1000 सीटो का छात्रावास भवन बनाया जाय।
आदिवासी राज्य में कम से कम इतना तो किया जाना चाहिए गरीब आदिवासी बच्चो के लिय।
और एक बात आदिवासी छात्रावास में आदिवासी वर्ग से अधीक्षक ही नियुक्त किया जाय।
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