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जुलाई, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

आदिवासी छात्र संगठन छत्तीसगढ़

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आदिवासी छात्र संगठन के द्वारा आज पूरे प्रदेश में गृहमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन. छात्र संगठन के द्वारा आज पूरे प्रदेश में गृहमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन.  23 जुलाई को गृहमंत्रालय पुलिस विभाग एस. आई. भर्ती का जो  अधिसूचना छत्तीसगढ़ राजपत्र जारी किया है उसके संबन्ध मे गृहमंत्री ताम्रध्वज जी के नाम पूरे प्रदेश अनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया जिसमें उल्लेख किया गया है कि आदिवासियों की अनुवांशिक ऊचाईयां कम होने के कारण आदिवासियों के ऊंचाई मापदण्ड करने के लिए गृह मंत्री जी को जारी राजपत्र मे 7 दिवस के भीतर संशोधन करने का निवेदन किया गया है, जहां एक ओर SI भर्ती 2018 अभी तक अपूर्ण है जिसमें अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए केबिनेट के बैठक मे ऊँचाई 168 से 163 सेमी किया गया था, लेकिन 23 जुलाई को जारी अधिसूचना राजपत्र मे अनुसूचित जनजाति के लिए ऊँचाई एवं सीना के लिए स्पष्ट मापदंड का कहीं उल्लेख नहीं है जिसके लिए समस्त प्रदेश में आदिवासी छात्र संगठन के द्वारा गृहमंत्री जी के नाम ज्ञापन सौंपा गया वही जांजगीर जिला से जिला संयोजक सतीश कुमार...

आदिवासी समाज लाखों की भीड़ विशाल रैली प्रदर्शन

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सर्व आदिवासी द्वारा लाखों की भीड़ में विशाल रैली प्रदर्शन  आदिवासी समाज द्वारा विशाल रैली प्रदर्शन आज पूरे छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज लाखों की भीड़ मे विशाल रैली प्रदर्शन प्रदर्शन कर रहे है। दुर्भाग्य है इतने बड़े प्रदर्शन को मीडिया दिखा नही रही है। क्योंकि इस मीडिया का बाप ही झोला छाप चौकीदार चोर है |

आदिवासी समाज लाखों की भीड़ विशाल रैली प्रदर्शन

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सर्व आदिवासी द्वारा लाखों की भीड़ में विशाल रैली प्रदर्शन  आदिवासी समाज द्वारा विशाल रैली प्रदर्शन आज पूरे छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज लाखों की भीड़ मे विशाल रैली प्रदर्शन प्रदर्शन कर रहे है। दुर्भाग्य है इतने बड़े प्रदर्शन को मीडिया दिखा नही रही है। क्योंकि इस मीडिया का बाप ही झोला छाप चौकीदार चोर है |

आदिवासी छात्र संगठन

जागो आदिवासी जागो 🙏🙏🙏🙏🙏🙏 पाँचवी अनुसूचि क्या है पड़ो समझो और लड़ो इस को पोस्ट जरूर पढे.🙏🙏🙏🙏🙏🙏 थोड़ा कुछ दिमाग मे समझ आ जायेगा, हम क्या है! पाँचवी-अनुसूचि आदिवासियों के लिए संजीवनी बूटी के समान क्यों है..!! इसे समझना क्यों जरूरी है..? =================== भारतीय संविधान मे भाग 10 में अनुसूचित और जनजाति क्षेत्रों के बारे उल्ल्खित हैं. और पॉचवी अनुसूची में "अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन और नियंत्रण के बारे में उपबंध हैं .संविधान के अनुच्छेद 244(1) में अनुसूचित क्षेत्रों के लिए व्यवस्था की गई हैं.! मतलब पाँचवी अनुसूचि के अंतर्गत धारा 244(1) के तहत अनुसूचित क्षेत्रो में सिर्फ आदिवासिओ का ही राज चलेगा..!!  पांचवीं अनुसूची के तहत मिलने वाली सुविधाओं को बहुत ही सरल शब्दों में आप सभी को समझाने का प्रयास..?  साथियों.... 1/ पाँचवी अनुसूचि मतलब 20 सदस्यों की टीम जिसे जनजातीय सलाहकार परिषद कहते है जो क्षेत्र के आदिवासिओ के विकास और संरक्षण के लिए समय समय पर शिक्षा ,स्वास्थ्य,रोजगार,कुपोषण ,बुखमरी बेरोजगारी की जानकारी हर तीन महीने या छह महीने या जब राष्ट्रपति ...

ASU प्रदेशाध्यक्ष:- योगेश कुमार ठाकुर

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आदिवासी छात्र संगठन छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश ठाकुर जी को पूरा छत्तीसगढ़ क्यों जानता है | आज आदिवासी छात्र संगठन के प्रदेशाध्यक्ष भैया योगेश ठाकुर जी का जन्मदिन है। मैं। आप सभी को भैया योगेश ठाकुर जी के जन्मदिवस पर उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए, कुछ  विचार रखना चाहता हूं।आज से लगभग 4-5 साल पहले जब मैं रायपुर गया कुछ कारणवश से। अपनी समस्याओं को लेकर,तो उस वक्त मेरा कोई भी सुनने वाला नहीं,था न ही उन समस्याओं को किसी बड़े अफसर तक पहुंचाने वाला,  जबकि हमारे  छत्तीसगढ़ के इस वनांचल , आदिवासी बहुल प्रदेश में आदिवासियों के नाम से बहोत से संगठन थे। और अनेक प्रकार के आदिवासी समाज के नाम पर संस्थान भी स्थापित थे। पर हमारा कोई भी सुनने वाला  नहीं था।और न ही किसी बड़े पदाधिकारी को बात करने का समय नहीं था ,और न ही किसी को आदिवासी छात्र/छात्राओं के समस्याओं का निराकरण करने का समय  था,पर  उस वक्त एक ऐसा भी इंसान था जिसे एक तरह का संघर्ष पुरुष कहां जाएं , वे हैं। भैया योगेश ठाकुर जी , जिन्होंने आदिवासी समाज व आदिवासी वर्ग से आने वाले छात्र-छात्राओं का...

ASU

#AwareAdiYo  कोई कन्फ़्यूजन मत रखना अपने दिमाग में!!  32% एस.टी. आरक्षण के खिलाफ़ ये लिखा है सतनामी याचिकाकर्ताओं की तरफ़ से अधिवक्ता मनोज गोरकेला ने: 9.19- That, vide the impugned amendment the reservation of ST has been increased to 32% from 20% which is not permissible as the same is violative of Fundamental Rights and the judgment of Hon’ble Apex Court in E.V. Chinnaiah Vs. State of A.P. 2005 (1) SCC 394 and the same is also violative of Article 341, 342 of the Constitution of India. 9.17- That, in the landmark judgment of Indra Sawhney Vs. Union of India (1992) that Hon’ble Apex Court has stated, ‘the general rule is that the reservation for backward classes (including SC, ST & OBC) permissible under Art.16(4) does not speak of proportional representation according to population or of communal representation (para-811) but of adequate representation (para-807) in relation to an entire service in a State and that such reservation shall not exceed 50% thereof (para- 807, 8...