आदिवासी छात्र संगठन
जागो आदिवासी जागो 🙏🙏🙏🙏🙏🙏
पाँचवी अनुसूचि क्या है पड़ो समझो और लड़ो
इस को पोस्ट जरूर पढे.🙏🙏🙏🙏🙏🙏
थोड़ा कुछ दिमाग मे समझ आ जायेगा, हम क्या है!
पाँचवी-अनुसूचि आदिवासियों के लिए संजीवनी बूटी के समान क्यों है..!! इसे समझना क्यों जरूरी है..?
===================
भारतीय संविधान मे भाग 10 में अनुसूचित और जनजाति क्षेत्रों के बारे उल्ल्खित हैं. और पॉचवी अनुसूची में "अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजातियों के प्रशासन और नियंत्रण के बारे में उपबंध हैं .संविधान के अनुच्छेद 244(1) में अनुसूचित क्षेत्रों के लिए व्यवस्था की गई हैं.! मतलब पाँचवी अनुसूचि के अंतर्गत धारा 244(1) के तहत अनुसूचित क्षेत्रो में सिर्फ आदिवासिओ का ही राज चलेगा..!!
पांचवीं अनुसूची के तहत मिलने वाली सुविधाओं को बहुत ही सरल शब्दों में आप सभी को समझाने का प्रयास..?
साथियों....
1/ पाँचवी अनुसूचि मतलब 20 सदस्यों की टीम जिसे जनजातीय सलाहकार परिषद कहते है जो क्षेत्र के आदिवासिओ के विकास और संरक्षण के लिए समय समय पर शिक्षा ,स्वास्थ्य,रोजगार,कुपोषण ,बुखमरी बेरोजगारी की जानकारी हर तीन महीने या छह महीने या जब राष्ट्रपति चाहे तब जानकारी राष्ट्रपति कार्यालय को भेजती है
2/ पाँचवी अनुसूची मतलब
अबुआ दिशुम अबुआ राज ,मतलब आदिवासी क्षेत्रों में सिर्फ आदिवासिओ का राज चलेगा मतलब आदिवासी क्षेत्रों के शासन प्रशासन का नियंत्रण आदिवासिओ के हाथ में रहेगा
3/ पाँचवी अनुसूचि मतलब
अनुसूचित क्षेत्रो में सिर्फ आदिवासिओ की ही सरकार चलेगी! जिसमे गाँव की मिनी संसद अपने फैसले सुनाएगी कानून बनायेगी जिसे ग्राम सभा कहते है इसलिए पाँचवी अनुसूचित क्षेत्रो में देश की विधानसभा और लोकसभा में बानाए जाने वाले आम कानून आदिवासिओ पर लागू नहीं हो सकते है
4/ पाँचवी अनुसूचि मतलब
अनुसूचित क्षेत्रो बैंको में पैसों का लेन देन का नियंत्रण आदिवासिओ के हाथों में रहेगा
5/ पाँचवी अनुसूचि मतलब
चाय की दूकान,पान की दूकान कपडे की दूकान,मोबाइल की दूकान,इलेक्ट्रॉनिक की दूकान ,सोने चांदी की दूकान सिर्फ आदिवासी ही खोल सकता है गैर आदिवासी अनुसूचित क्षेत्रो व्यपार नहीं कर सकते है
6/पाँचवी अनुसूचि मतलब
अनुसूचित क्षेत्रो में रहने वाले आदिवासी बच्चो की पढ़ाई किस भाषा में होना चाहिए आदिवासी बच्चो को किस प्रकार का कोर्स पढ़ाया जाए यह सब उस क्षेत्र में रहने वाले आदिवासी ही निर्णय करेंगे
7/ पाँचवी अनुसूचि मतलब
अनुसूचित क्षेत्रो शराब के ठेके और दुकाने नहीं खुल सकती है ।
8/ पाँचवी अनुसूचि मतलब
जिले में चपरासी से लेकर कलेक्टर तक अभी कर्मचारी अधिकारी सिर्फ आदिवासी ही रहेंगे कहने का तातपर्य अनुसूचित क्षेत्रो में आदिवासिओ को 100 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा।
8/ पाँचवी अनुसूचि मतलब
आदिवासी की मर्जी के बिना कोई भी गैर आदिवासी चाहे वह कलेक्टर हो चाहे प्रधानमन्त्री क्योँ ना हो अनुसूचित क्षेत्रो में बिना आदिवासिओ की मर्जी से क्षेत्र में नहीं घुस सकता है।
9/ पाँचवी अनुसूचि मतलब
अनुसूचित क्षेत्रो में किसी भी प्रकार के विवाद/झगडे या ज़मीन सम्बंधित विवाद के लिए उस क्षेत्र में रहने वाले आदिवासी को पुलिश थाने या कोर्ट जाने की जरूरत नहीं है गाँव के आदिवासी ही आपस में मिलकर विवाद का निपटारा कर सकते है।
10/ पाँचवी अनुसूचि मतलब
आदिवासी की जमीन के नीचे लोहा,सोना ,चाँदी, कोयला,बॉक्सआइट और तामाम तरह की कीमती धातु का मालिक आदिवासी ही रहेगा कहने का मतलब सुप्रीम कोर्ट ने एक आदेश में कहा है जिसकी ज़मीन है उसकी ज़मीन से निकलने वाले सोने चांदी का मालिक वही रहेगा मतलब आदिवासी को सरकार से भीख मांगने की जरूरत नहीं वह अपने आप आमिर हो जाएगा।
11/ पाँचवी अनुसूचि मतलब
अनुसूचित क्षेत्रो में आने वाले जंगलो नदियों,तालाबो पहाड़ो वनसंपदा पर नियंत्रण सिर्फ आदिवासिओ का होना चाहिए..!
साथियों यह सब हमारे संवैधानिक अधिकार है लेकिन इनमें से एक भी बात का पूरी तरह पालन आजादी के 73 साल के बाद मे भी नहीं हुआ.!!
जोहार बिरसा उलगुलान जिंदाबाद
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें