आदिवासी बालक छात्रावास अम्बागढ़ चौकी में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का किया गया सम्मान
विद्यार्थी हमारे राष्ट्र व समाज के धरोहर एवं भावी भविष्य, अपने कर्तव्य का करें निष्ठापूर्वक निर्वहन - श्री चन्द्रेश ठाकुर
पोष्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास अम्बागढ़
चौकी में नवप्रवेशित विद्यार्थियों का किया गया सम्मान
राजनांदगांव, 29 नवम्बर 2022
जनसम्पर्क अधिकारी जिला बालोद श्री चन्द्रेश ठाकुर ने कहा कि विद्यार्थी हमारे राष्ट्र व समाज के धरोहर एवं भावी भविष्य हैं। उनके उपर हमारे राष्ट्र, समाज, माता-पिता एवं इस संस्थान की आशा एवं अपेक्षाएं टिकी हुई है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए जीवन में उच्च उपलब्धि पर राष्ट्र व समाज के विकास में योगदान देने को कहा। श्री ठाकुर शनिवार 26 नवम्बर को शासकीय पोष्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास अम्बागढ़ चैकी में आयोजित नवप्रवेशित विद्यार्थियों के सम्मान समारोह के अवसर पर अपना उद्गार व्यक्त कर रहे थे। वे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अनुसूचित जनजाति शाासकीय सेवक संघ के जिला अध्यक्ष श्री अरविंद गोटे उपस्थित थे। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में श्री जगत कोरचे, व्याख्याता श्री सुरेन्द्र कोर्राम, कार्यक्रम के संयोजक श्री भूपेन्द्र मण्डावी एवं श्री अमर पूरामेे, श्री अनिल मण्डावी, श्री सुरेन्द्र घावड़े, श्री विद्याभूषण उपारे सहित श्री नरेन्द्र तारम, श्री ज्ञानसिंह जुरेशिया, श्री रविन्द्र अमिला सहित छात्रावास के अध्यक्ष श्री रोहित ध्रर्वे, उपाध्यक्ष श्री रोशन लाल मण्डावी, महासचिव श्री चन्द्रकांत टेकाम, सचिव श्री तुलेश पिस्दा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थीगण उपस्थित थे।
श्री ठाकुर ने कहा कि दुनिया में कोई भी कार्य असंभव नहीं है, बस आवश्यकता है दृढ़ इच्छाशक्ति एवं लक्ष्य के प्रति समर्पण की। इस उक्ति को विश्व विभूतियों ने तमाम अभाव एवं विपरित परिस्थितियों में उपलब्धि हासिल करते हुए सच कर दिखाया है। उन्होंने छात्रावास को समाज के कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों के लिए संरक्षण स्थली एवं संस्कार भूमि बताया। श्री ठाकुर ने विद्यार्थियों को नशापान, गलत आचरण एवं गलत संगति से दूर रहकर सदैव अपने ऊर्जा का उपयोग रचनात्मक कार्यों में करने को कहा। कार्यक्रम को संबोधित करत हुए श्री अरविंद गोटे ने विद्यार्थियों को छात्रावास की गौरवशाली परम्परा को अक्षुण्ण बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कठिन मेहनत कर अपने माता-पिता, परिवार एवं इस संस्था का नाम रौशन करने को कहा। श्री जगत कोरचे छात्रावासी जीवन के महत्ता पर प्रकाश डालते हुए जीवन में आगे बड़ने के लिए कठिन परिश्रम, अनुशासन एवं कार्य के प्रति लगन को अत्यंत आवश्यक बताया।
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