आखिर आदिवासी छात्रावास क्यों बनाया गया इसको अलग से बनाने की आवश्यकता क्यों पड़ी...?
आखिर आदिवासी छात्रावास क्यों बनाया गया इसको अलग से बनाने की आवश्यकता क्यों पड़ी क्योंकि आदिवासी छात्र शहरी क्षेत्र में उच्च शिक्षा ग्रहण कर सके । किंतु यह कितनी विडंबना की बात है आज भी आदिवासी छात्रों को एडमिशन के लिए भटकना पड़ रहा है कोविड है सब को पता है अचानक से प्रवेश 50 % कर दिया गया।
अब छात्रावासो में केवल आधी सीट भरी जाएंगी तो बाकी के छात्र कहा जायेंगे ऊपर से उम्र की बाध्यता कुछ हद तक ठीक है। उम्र की बाध्यता किंतु समय को देखते हुए क्यू नही बनाया गया
नया छात्रावास केवल आदिवासी छात्र/ छात्राओं के लिए बनाए गए।
छात्रावासो में सभी वर्ग के छात्रों को प्रवेश दिया गया
आदिवासी छात्र/ छात्राओं के लिए अलग कैंपस क्यू नही बनाया गया।
अभी छात्रावास की किसी वर्ग को आवश्यकता है।
तो केवल आदिवासी वर्ग है जो बीजापुर,बलरामपुर अंबिकापुर सूरजपुर इस जगह से रायपुर पढ़ने आते है जिनका कोई परिवारिक संबंध के लोग यहां नहीं है इसलिए उनको रहने का बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है
योगेश कुमार ठाकुर
अध्यक्ष
आदिवासी छात्र संगठन
संपर्क - 9617154696
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें