अनुसूचित जनजाति क्षेत्र

पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र क्या है....? 
क्योंकि जहां पर  50 % आदिवासी निवासरत है और 50 % अन्य समाज के लोग निवास करते हैं उस क्षेत्र को पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र कहते हैं  । इस क्षेत्र मे सांसद ,विधायक, पंचायत, की सीटें हम आदिवासियों के लिए आरक्षित रहती है । और इसी कारण से हमारी दुश्मन बौखलाए हुए हैं, कि ये आरक्षित सीटों को कैसे कम किया जाए करके इसलिए हिन्दू करण करने की कोशिश कर रहे हैं । अगर मानलो हल्बा की जाति खारिज हो जाती है , जिस तरह छ.ग. मे बहारिया जनजाति खारिज हो गई है  तो पुरा छ.ग. की पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र सामान्य सीट हो जाएगा । तो हम सांसद तो क्या हम पंच भी नहीं बन सकते क्योंकि हम आदिवासी के पास  औकात नहीं है ।और अन्य लोग यही चाहते हैं ।उस समय हम आदिवासियों को विधायक तो किया पंच बनाने के लिए भी कांग्रेस ,भाजपा तो क्या अन्य राजनीतिक पार्टियां भी आगे नहीं आने वाला है । इसलिए मै आप सभी से निवेदन करता हूँ , हिन्दू संस्कृति को त्याग कर आदिवासी संस्कृति अपनाईये और धर्म कालम मे आदिवासी धर्म लिखाइए ।

आज हमारे समाज के कई लोग ईसाई धर्म को अपना रहे हैं, दुसरे समाज के लोग हमारी अनुसूचित जनजाति क्षेत्र में इसाई मिशनरी में लगे हुए हैं ।आप सभी जानते हो सन1950 से पहले जनगणना में हमारा धर्म कालम अलग था । इस धर्म कालम को बदलना हम आदिवासियों के लिए बहुत बड़ी साजिश थी । मै कहना चाहता हूं दुसरे के धर्म, रिवाज को अपनाने से अच्छा है आप अपने संस्कृति को अपनाएं । अपने आदिवासी संस्कृति परंपरा को विलूप्त होने से बचाएं ।

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