आदिवासी युवाओं का सवाल
आदिवासी युवाओं के सवाल से भाग खड़े हुए जनजाति गौरव समाज के पदाधिकारी
गौरव समाज छत्तीसगढ़ संगठन के द्वारा राजनांदगाँव जिले के मानपुर मे जनजाति संरक्षण पर विचार गोष्ठी व चिंतन कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें क्षेत्र के सभी आदिवासी समाज के समाज प्रमुख और समाजिक लोगों को आमंत्रित किया गया था साथ ही जन जाति गौरव समाज के समाज के संरक्षक व पूर्व मंत्री केदार कश्यप पुर्व विधायक देवलाल दुग्गा पुर्व विधायक भोजराज नाग, विकास मरकाम टेकराम भंडारी रमेश हिडामें नरसिंह भंडारी नीलकंठ गढ़े नम्रता सिंह जैन आदि शामिल रहे। आयोजन के दौरान नेताओं के द्वारा पुरे देश के आदिवासी को हिन्दूधर्मी कहे जाने पर कार्यक्रम में उपस्थित जनजाति समाज के युवाओं ने सवाल उठाया कि हमारे समाजिक देव रिति में कंही पर भी हिन्दू देवी देवताओं को सेवा अर्जी देने का रिवाज नही है साथ ही आदिवासी समाज मे शुरू से बलि प्रथा है जब कि हिन्दू देवी देवताओं में ऐसा नहीं है वे सात्विक पुजा धर्म को मानने वाले है हिन्दू धर्मं वेद शास्त्र के आधार पर चलते हैं जबकि आदिवासी समाज प्रकृति के अनुयायी हैं ऐसे में आदिवासी समाज हिन्दू-धर्म मानने वाला कैसे । अपने ही समाज के युवाओं के इन प्रश्नों से उपस्थित वक्ता हडबडा गए और कार्यक्रम के बाद सारे सवालों का जवाब देने की बात कह कर उन्हें शांत बैठाया गया किन्तु ढाई घंटे बाद कार्यक्रम के अंत में भी सवालों का जवाब नही मिलने और समाजिक नेताओं के मंच से उतर कर सीधे गाड़ी में बैठने से वंहा पर बड़ी संख्या में उपस्थित युवा भड़क उठे और पंडाल मे ही नारेबाजी करने लगे । युवा रेस्ट हाउस तक धोके बाज और मौका परस्त जैसे नारे लगाते हुए नेताओं के गाड़ी के पीछे आये किन्तु तबतक नेताओं के कहने पर पुलिस द्वारा रेस्टहाउस का गेट बंद कर दिया गया । युवाओं का कहना था कि हम अपने ही समाज के नेताओं के निमंत्रण पर चर्चा विमर्श करन आये थे किन्तु हमारे आदिवासी समाज के ये बड़े नेता समाज के युवाओं के प्रश्नों और तर्कों का जवाब देना छोड़ भाग गये। समाज को गुमराह करने वाले ऐसे नेताओं का कोई भरोसा नहीं करना चाहिए ये केवल अपनी राजनीति के लिए आदिवासी समाज को हिन्दूधर्मी कह रहे हैं ।सर्व आदिवासी समाज युवा प्र.मिडिया प्रभारी मोहला
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