आज छोटे बड़े सब मनखे मन हा,भेजत हे दुहाई हे ।मोरो तन ले आप जम्मो झन ला, होरी तिहार के गाड़ा गाड़ा बधाई हे।।
का पीना जरूरी हे, बिन दारू के तिहार मनावव। पानी हर नई सिराय हे, दारू म झन नहावव।। मंदहा झन बनव, सब होथे जी परेशान । तुमन अतीक झन पीहु, नई ते सब झन होही हलाकान।। बने बने सब रहु संगी हो, करके सोच बीचार। झगरा झन करहू जी, आगे हे होली के तिहार।। आज छोटे बड़े सब मनखे मन हा,भेजत हे दुहाई हे । मोरो तन ले आप जम्मो झन ला, होरी तिहार के गाड़ा गाड़ा बधाई हे।। _आलेख साभार_ रविन्द्र कुमार अमिले ग्राम-पलान्दुर (मोहला मानपुर)